1. Home
  2. राष्ट्रीय

Tahawwur Hussain Rana : 26/11 हमले का आरोपी आज पहुंचेगा भारत, अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद तिहाड़ में होगी कड़ी सुरक्षा

Tahawwur Hussain Rana

Tahawwur Hussain Rana : मुंबई में 26/11 को हुए आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा (Tahawwur Hussain Rana) को गुरुवार को अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। प्रत्यर्पण से बचने के लिए राणा ने अमेरिका की कई अदालतों में याचिकाएं दायर कीं, लेकिन उसकी सभी कोशिशें नाकाम रहीं। राणा का भारत आना इस हमले में पाकिस्तान की भूमिका को और अधिक उजागर कर सकता है। उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल के उच्च सुरक्षा वाले वार्ड में रखा जा सकता है। जेल प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं और अब अदालत के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।

गृह मंत्री ने बताया मोदी सरकार की बड़ी सफलता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राणा के प्रत्यर्पण को केंद्र सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का उद्देश्य है कि भारत की संप्रभुता, जनता और भूमि पर हमला करने वाले किसी भी व्यक्ति को न्याय के कठघरे में लाया जाए। राणा ने अमेरिका में अंतिम प्रयास करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसे हाल ही में खारिज कर दिया गया।

कई स्तरों पर चली कानूनी लड़ाई

राणा ने 27 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश एलेना कागन के समक्ष एक आपात याचिका दायर की थी, जिसमें उसने अपने प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, यह अर्जी भी खारिज कर दी गई। इसके बाद 4 अप्रैल को अंतिम सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने उसकी अपील को पूरी तरह से खारिज कर दिया। इससे पहले राणा ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों और भारत में अपनी जान को खतरे में बताकर प्रत्यर्पण से राहत मांगी थी, लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिली।

भारतीय एजेंसियों की टीम अमेरिका में रही मौजूद

भारत सरकार ने पहले से ही एक विशेष टीम को अमेरिका भेज दिया था, जो राणा को भारत लाने की प्रक्रिया में शामिल रही। अमेरिकी अदालत के फैसले के बाद भारतीय टीम ने कानूनी दस्तावेजों को पूरा कर राणा को हिरासत में लिया और अब उसे विशेष विमान से भारत लाया जा रहा है। उम्मीद है कि दोपहर तक वह भारत पहुंच जाएगा।

डेविड हेडली का नजदीकी है राणा
तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है और अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली का करीबी रहा है। हेडली 26/11 हमले की साजिश में शामिल मुख्य आरोपियों में से एक है। 2008 के इस आतंकी हमले में छह अमेरिकी नागरिकों समेत 166 लोगों की जान गई थी। हमले की योजना पाकिस्तान में बनी थी और इसे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने अंजाम दिया था। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि राणा से पूछताछ के दौरान पाकिस्तान की भूमिका से जुड़े और कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

निष्कर्ष
तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उसकी पूछताछ में क्या-क्या नए तथ्य सामने आते हैं, जो 26/11 जैसे भयावह हमले की सच्चाई को और उजागर कर सकें।