Tahawwur Hussain Rana : 26/11 हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा से दूसरे दिन भी NIA करेगी पूछताछ, 24 घंटे CCTV की नजर, रखा गया हाई-सिक्योरिटी सेल में

नई दिल्ली। 2008 के मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा (Tahawwur Hussain Rana) से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) शनिवार को लगातार दूसरे दिन पूछताछ करेगी। राणा को राजधानी दिल्ली स्थित लोधी रोड पर NIA मुख्यालय की हाई-सिक्योरिटी ग्राउंड फ्लोर सेल में रखा गया है, जिसकी चौड़ाई 14x14 फीट है। सुरक्षा एजेंसियों ने उसे सुसाइड वॉच पर रखा है। उसकी गतिविधियों पर 24 घंटे गार्ड्स और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। एहतियातन उसे सिर्फ सॉफ्ट टिप वाला पेन दिया गया है, ताकि वह खुद को कोई नुकसान न पहुंचा सके।
तहव्वुर हुसैन राणा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की 18 दिन की हिरासत में है। हालांकि, एनआईए ने राणा के प्रत्यर्पण को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया है। इस ऑपरेशन का सबसे बड़ा चुनौतीपूर्ण पहलू पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों को इसके बारे में जानकारी न होने देना था। एनआईए ने राणा को सुरक्षा देने के लिए कई अहम कदम उठाए, ताकि कोई भी अप्रत्याशित घटना न घटे।
इस ऑपरेशन की सफलता में भारत और अमेरिका की खुफिया एजेंसियों, एयर ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट के साथ मिलकर काम किया गया। इन एजेंसियों ने रियल टाइम निगरानी के लिए विशेष विमान पर निगरानी रखी, ताकि किसी भी असामान्य मूवमेंट का पता चल सके। सूत्रों के अनुसार, लॉस एंजिलिस से राणा को एक विशेष विमान से दिल्ली लाया गया था, और यात्रा के दौरान एनआईए के एक अधिकारी ने उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसका हाथ पकड़े रखा।
विमान के अंतिम चरण से पहले, उसे ईंधन भरने के लिए एक स्थान पर रोका गया था। इसके बाद, विशेष विमान गुरुवार की शाम दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरा। ऑपरेशन राणा को भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और खुफिया विजय के रूप में देखा जा रहा है, जो उच्चतम सुरक्षा प्रोटोकॉल और व्यापक समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
सुरक्षा उपायों में कड़ी पाबंदी
दिल्ली में राणा की सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए गए थे। पालम एयरपोर्ट पर उतरने से पहले, सभी सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए थे, ताकि कोई भी संवेदनशील जानकारी लीक न हो सके।
मीडिया से बचने के लिए खास इंतजाम
राणा को मीडिया से बचाने के लिए एयरपोर्ट पर उसके लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। उसे अपारदर्शी जेल वैन में छिपाकर एयरपोर्ट से बाहर लाया गया। इसके बाद, उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट में कैमरे और मोबाइल फोन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था।
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