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Telangana Tunnel Rescue: टनल में फंसे लोगों को निकालने के लिए रोबोट की सहायता लेगी सरकार, एक व्यक्ति का शव बरामद

Telangana Tunnel Rescue: टनल में फंसे लोगों को निकालने के लिए रोबोट की सहायता लेगी सरकार, एक व्यक्ति का शव बरामद

Telangana Tunnel Rescue: तेलंगाना के श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) में 22 फरवरी को हुए हादसे के बाद से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान रविवार को एक शव बरामद किया गया। यह शव एक मशीन के अंदर फंसा हुआ पाया गया, जिसमें केवल हाथ ही स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू टीम शव को सुरक्षित निकालने के लिए मशीन को काटने का प्रयास कर रही है।

खोजी कुत्तों की मदद से जारी तलाशी अभियान

रेस्क्यू ऑपरेशन के 17वें दिन खोजी कुत्तों (कैडेवर डॉग) को तैनात किया गया, ताकि सुरंग के भीतर लापता लोगों का पता लगाया जा सके। राज्य सरकार में मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया कि खोजी कुत्तों ने ऐसी जगहों की पहचान की है जहां तीन लोगों के फंसे होने की संभावना है। इस हादसे में कुल आठ लोग लापता हुए थे, जिनमें इंजीनियर और मजदूर शामिल हैं।

सरकार का आश्वासन, रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी

तेलंगाना के सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि सरकार रेस्क्यू ऑपरेशन में हरसंभव सहायता दे रही है। उन्होंने घटनास्थल पर जल-निकासी और सिल्ट हटाने के कार्यों का निरीक्षण भी किया। रेड्डी ने बताया कि 11 मार्च को स्थिति की समीक्षा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

रोबोटिक तकनीक से तेज होगा रेस्क्यू ऑपरेशन

रेस्क्यू अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने शनिवार को घोषणा की कि लापता लोगों का पता लगाने और बचाव कार्य को तेज करने के लिए एडवांस ग्लोबल टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा। इस टनल हादसे को राष्ट्रीय आपदा करार देते हुए उन्होंने कहा कि बचाव कार्य को और उन्नत करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

टनल में रोबोट भेजने की तैयारी

न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सुरंग की 14 किमी लंबी संरचना के अंतिम 70 मीटर के भीतर दुर्घटना हुई थी। इस क्षेत्र में विशेष रूप से रोबोट भेजे जाएंगे और मंगलवार से नए सिरे से बचाव कार्य तेज किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की ली जाएगी मदद

लगातार दो सप्ताह से राष्ट्रीय स्तर की 11 रेस्क्यू टीमें इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही हैं। 22 फरवरी से फंसे लोगों को निकालने के लिए सरकार ने वैश्विक सुरंग निर्माण और बचाव विशेषज्ञों की सहायता लेने का निर्णय लिया है। लापता लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।