1. Home
  2. राष्ट्रीय

कल तमिलनाडु के CM पद की शपथ लेंगे थलपति विजय, राज्यपाल से मिली मंजूरी, इन लोगों को कैबिनेट में मिल सकती है जगह

...

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। महज तीन साल पहले बनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) अब राज्य की सत्ता संभालने जा रही है। पार्टी प्रमुख और अभिनेता Vijay ने शनिवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया।

विजय ने राज्यपाल को सहयोगी दलों के समर्थन पत्र भी सौंपे। इसके बाद तमिलनाडु में TVK सरकार का रास्ता साफ हो गया है। जानकारी के मुताबिक विजय रविवार सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

बहुमत के लिए आखिरी वक्त में मिला समर्थन

TVK के पास पहले 108 विधायक थे, जिसके चलते सरकार बनाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी था।

हालांकि बाद में वीसीके, आईयूएमएल, कांग्रेस और वामदलों के समर्थन से विजय ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। अब TVK गठबंधन के पास कुल 120 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है।

कांग्रेस ने छोड़ा DMK का साथ

तमिलनाडु चुनाव में कांग्रेस ने डीएमके गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और पांच सीटों पर जीत हासिल की थी। लेकिन सरकार गठन के समय कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए DMK का साथ छोड़ दिया और विजय की पार्टी TVK को समर्थन दे दिया।

इसके अलावा वामदलों ने भी अपने चार विधायकों के साथ विजय सरकार को समर्थन दिया। वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन ने भी सरकार गठन में अहम भूमिका निभाई।

कौन-कौन बन सकता है मंत्री?

नई सरकार में मुख्यमंत्री विजय के साथ कुल 9 मंत्री शपथ ले सकते हैं। इनमें छह मंत्री TVK और तीन मंत्री कांग्रेस कोटे से शामिल हो सकते हैं।

TVK की ओर से जिन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है, उनमें सेंगोत्तियन, अधव अर्जुन, एन आनंद, अरुण राज, निर्मल कुमार और राजमोहन शामिल हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय अपनी पहली कैबिनेट में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश कर सकते हैं।

शपथ ग्रहण का समय बदला

पहले खबर थी कि विजय रविवार दोपहर 3:15 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, लेकिन बाद में कार्यक्रम में बदलाव किया गया। अब वे रविवार सुबह 10 बजे शपथ लेंगे।

दिलचस्प बात यह है कि पिछले तीन दिनों से विजय लगातार राज्यपाल से मुलाकात कर रहे थे, लेकिन तब तक उनके पास बहुमत का आंकड़ा नहीं था। शनिवार को समर्थन जुटने के बाद पूरी तस्वीर बदल गई और सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया।