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टीटागढ़ रेल सिस्टम ने बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन के लिए पहली मेड-इन-इंडिया ड्राइवरलेस ट्रेनसेट सौंपी

टीटागढ़ रेल सिस्टम ने बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन के लिए पहली मेड-इन-इंडिया ड्राइवरलेस ट्रेनसेट सौंपी

कोलकाता: भारत के प्रमुख रोलिंग स्टॉक निर्माता टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड ने बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) की येलो लाइन को अपनी पहली मेड-इन-इंडिया ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेनसेट सौंप दी है। इस ट्रेनसेट का निर्माण पश्चिम बंगाल के उत्तरपारा स्थित टीटागढ़ की अत्याधुनिक मेट्रो विनिर्माण इकाई में किया गया है।

भारत की तकनीकी प्रगति का प्रतीक

यह ट्रेनसेट इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी और अन्य प्रमुख व्यापार केंद्रों को बेंगलुरु के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले 18 किलोमीटर के महत्वपूर्ण येलो लाइन कॉरिडोर पर चलेगी। पूरी तरह से भारत में निर्मित इस ट्रेनसेट ने न केवल स्वदेशीकरण की दिशा में भारत की प्रगति को प्रदर्शित किया है, बल्कि देश को वैश्विक रेल निर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

स्वास्थ्य और शहरी मामलों के मंत्री ने की सराहना

इस मौके पर माननीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने कहा, आज, बेंगलुरु मेट्रो के साथ भारत की शहरी गतिशीलता यात्रा में एक और मील का पत्थर जुड़ गया। यह ट्रेनसेट आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर हमारे प्रयासों का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य अगले पांच वर्षों में मेट्रो रेल नेटवर्क में विश्व स्तर पर पहले स्थान पर पहुंचना है। मैं टीटागढ़ रेल सिस्टम्स को उनकी 'स्थानीय से वैश्विक' यात्रा और इस असाधारण योगदान के लिए धन्यवाद देता हूं।"

टीटागढ़ रेल सिस्टम्स की प्रतिबद्धता

टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक उमेश चौधरी ने अपने संबोधन में कहा,"यह हमारे लिए गर्व का क्षण है। यह ट्रेनसेट न केवल हमारी इंजीनियरिंग और नवाचार क्षमताओं को दर्शाता है, बल्कि बेंगलुरु के शहरी परिवहन को विश्व स्तरीय मानकों तक ले जाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।"

ट्रेनसेट की विशेषताएं

  • ड्राइवरलेस संचालन: यह ट्रेनसेट उन्नत स्वचालन (GOA4) तकनीक से लैस है, जो इसे पूर्ण ड्राइवरलेस मोड में चलने में सक्षम बनाती है।
  • सुरक्षित और आरामदायक यात्रा: आधुनिक इंटीरियर्स, उन्नत सुरक्षा फीचर्स, और पर्यावरण के अनुकूल डिज़ाइन इसे टिकाऊ और कुशल बनाते हैं।
  • ऊर्जा दक्षता: कम बिजली खपत और उच्च स्थिरता।
  • निर्माण और डिलीवरी: अप्रैल 2025 तक येलो लाइन पर दो और ट्रेनसेट डिलीवर किए जाएंगे। कंपनी हर महीने दो ट्रेनसेट सितंबर 2025 तक उत्पादन बढ़ाएगी।

भारत के लिए बड़ी उपलब्धि

यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप है। बेंगलुरु मेट्रो की यह नई ट्रेनसेट देश की शहरी गतिशीलता में क्रांतिकारी बदलाव लाने और भारत की विनिर्माण क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।