1. Home
  2. राष्ट्रीय

उत्तराखंड में लागू हुआ UCC, बोले सीएम पुष्कर धामी -यह कानून हलाला, इद्दत, बहुविवाह तीन तलाक...

उत्तराखंड में लागू हुआ UCC, बोले सीएम पुष्कर धामी -यह कानून हलाला, इद्दत, बहुविवाह तीन तलाक...

UCC In Uttrakhand: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने की अधिसूचना जारी की गई, जिसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐतिहासिक कदम करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए अहम है। इस कानून को लागू करने के लिए अधिकारियों ने कड़ी मेहनत और समन्वय के साथ काम किया। मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने इसे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सभी सदस्यों को समर्पित बताया।

महिलाओं के अधिकारों को मिली मजबूती

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी लागू होने से उत्तराखंड के सभी निवासियों के अधिकार समान हो गए हैं। खासकर महिलाओं के लिए यह कानून विशेष रूप से प्रभावी है। अब हलाला, इद्दत, बहुविवाह और तीन तलाक जैसी प्रथाओं पर पूरी तरह से रोक लग गई है। उन्होंने इस क्षण को बेहद भावनात्मक बताते हुए इसे समानता स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। 

कहां और कैसे लागू होगा यूसीसी? 

यह कानून उत्तराखंड राज्य और राज्य से बाहर रहने वाले उत्तराखंड के निवासियों पर लागू होगा, हालांकि अनुसूचित जनजातियों को इससे बाहर रखा गया है। 

- ग्रामीण क्षेत्र: एसडीएम रजिस्ट्रार और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे। 

- नगर पंचायत और नगर पालिका: संबंधित एसडीएम रजिस्ट्रार और कार्यकारी अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे। 

- नगर निगम क्षेत्र: नगर आयुक्त रजिस्ट्रार और कर निरीक्षक सब रजिस्ट्रार के रूप में कार्य करेंगे। 

- छावनी क्षेत्र: संबंधित CEO रजिस्ट्रार और रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर या सीईओ द्वारा अधिकृत अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे। 


इन सभी के ऊपर रजिस्ट्रार जनरल होंगे, जो सचिव स्तर के अधिकारी और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन होंगे। 

रजिस्ट्रार जनरल के कर्तव्य 

- यदि रजिस्ट्रार समय पर कार्रवाई नहीं करते, तो मामला ऑटोमेटिक रजिस्ट्रार जनरल के पास जाएगा। 

- रजिस्ट्रार या सब रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ अपील रजिस्ट्रार जनरल के पास की जा सकेगी। 

- रजिस्ट्रार जनरल को 60 दिनों के भीतर अपील का निपटारा करना होगा। 

रजिस्ट्रार के कर्तव्य 

- सब रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ अपील पर 60 दिनों में निर्णय लेना। 

- विवाह कानूनों या लिव-इन नियमों का उल्लंघन करने वालों की सूचना पुलिस को देना। 

सब रजिस्ट्रार के कर्तव्य 

- सामान्य मामलों में 15 दिन और तात्कालिक मामलों में 3 दिनों के भीतर दस्तावेजों की जांच करना। 

- आवेदन में गड़बड़ी होने पर आवेदक से स्पष्टीकरण मांगना और समय पर निर्णय लेना। 

- नियमों का उल्लंघन होने पर जुर्माना लगाना और पुलिस को सूचना देना। 

- विवाह जानकारी सत्यापित न होने पर माता-पिता या अभिभावकों को सूचित
समान नागरिक संहिता का लागू होना उत्तराखंड के नागरिक अधिकारों और समाज में समानता स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री ने इसे देशभर में प्रेरणा का स्रोत बताया है।