कौन हैं कैथल के रामपाल कश्यप, जिन्हें PM Modi ने पहनाए जूते? वीडियो किया शेयर...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हरियाणा के यमुनानगर में कैथल निवासी रामपाल कश्यप (Rampal Kashyap) को अपने हाथों से जूते पहनाकर एक अनोखी प्रतिज्ञा का खत्म कराई। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर इसका वीडियो शेयर किया है। आइए जानते है कि रामपाल कश्यप कौन है...
पीएम ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा "हरियाणा के यमुनानगर में आज कैथल के रामपाल कश्यप जी से मिलने का सौभाग्य मिला। इन्होंने 14 वर्ष पहले एक संकल्प लिया था कि ‘मोदी जब तक प्रधानमंत्री नहीं बन जाते और मैं उनसे मिल नहीं लेता, तब तक जूते नहीं पहनूंगा।’ मुझे आज उनको जूते पहनाने का अवसर मिला। मैं ऐसे सभी साथियों की भावनाओं का सम्मान करता हूं, परंतु मेरा आग्रह है कि वे इस तरह के प्रण के बजाय किसी सामाजिक अथवा देशहित के कार्य का संकल्प लें।"
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रामपाल कश्यप कौन हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक समर्पित समर्थक के रूप में पहचान बना चुके रामपाल कश्यप हरियाणा के कैथल जिले के खेड़ी गुलाम अली गांव के निवासी हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शक्ति केंद्र प्रमुख हैं और पहले मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। रामपाल कश्यप पिछले 14 वर्षों से बिना जूते-चप्पल पहने ही चल रहे थे, क्योंकि उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं बनते और वे उनसे आमने-सामने मुलाकात नहीं कर लेते, तब तक वे जूते नहीं पहनेंगे।
पेशे से मजदूरी करने वाले 55 वर्षीय रामपाल के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, मेरा वोट 18 साल की उम्र में बना था, और तब से अब तक मैंने हर बार भाजपा को ही वोट दिया है। आज प्रधानमंत्री से मिलकर मेरी वर्षों की तपस्या पूरी हुई। यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन है।"
कैसे हुई प्रधानमंत्री से मुलाकात?
रामपाल कश्यप की प्रधानमंत्री से मुलाकात की राह आसान नहीं रही। इससे पहले वे कई हरियाणा भाजपा नेताओं से मिल चुके थे, लेकिन खुद प्रधानमंत्री से मिलने का मौका उन्हें नहीं मिल पा रहा था। जब प्रधानमंत्री मोदी के यमुनानगर दौरे की सूचना मिली, तो गुहला विधानसभा क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक कुलवंत राम बाजीगर ने 10 अप्रैल को प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर रामपाल कश्यप के संकल्प और समर्पण के बारे में जानकारी दी।
यह पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंचा और संज्ञान लेने के बाद रामपाल कश्यप को यमुनानगर में पीएम मोदी के कार्यक्रम में बुलाया गया, जहां उनके 14 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई और प्रधानमंत्री ने खुद उन्हें जूते पहनाकर उनका संकल्प पूर्ण किया। रामपाल कश्यप का गांव खेड़ी गुलाम अली, गुहला विधानसभा क्षेत्र में आता है।
अंबेडकर जयंती पर हिसार से अयोध्या को पहली उड़ान की सौगात
इस ऐतिहासिक दिन पर प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर हरियाणा के हिसार एयरपोर्ट से अयोध्या के लिए पहली वाणिज्यिक उड़ान को हरी झंडी दिखाई। साथ ही, उन्होंने हिसार एयरपोर्ट के नए टर्मिनल की आधारशिला भी रखी। पीएम मोदी ने कहा कि अब श्रीकृष्ण की धरती हरियाणा सीधे श्रीराम की नगरी अयोध्या से जुड़ गई है।"
कांग्रेस पर तीखा हमला
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि "कांग्रेस ने हमेशा संविधान को कुचलने की कोशिश की है। सत्ता में रहते हुए उसने अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों को हाशिए पर रखा।"
वक्फ कानून और आरक्षण पर टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने वक्फ संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस की नीतियों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि,"2013 में कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए वक्फ कानून में बदलाव किए, जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ था।" उन्होंने स्पष्ट किया कि बाबा साहब अंबेडकर ने धर्म आधारित आरक्षण का विरोध किया था, लेकिन कांग्रेस ने इस मूल सिद्धांत की भी अनदेखी की।
प्रधानमंत्री ने कर्नाटक सरकार पर धर्म के आधार पर आरक्षण देने का भी आरोप लगाया और कहा कि यह संविधान और सामाजिक न्याय के खिलाफ है।
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