सरकार से बातचीत के बाद CJP ने खत्म किया प्रोटेस्ट, FIR वापसी समेत कई मांगों पर बनी सहमति

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर आंदोलन अब समाप्त हो गया है। शनिवार को सरकार के साथ हुई अहम बैठक के बाद CJP ने आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया। संगठन ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है।
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दौर की बातचीत हुई। इसके बाद संगठन ने आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया।
तीन प्रमुख मांगों को लेकर चल रहा था प्रदर्शन
CJP ने बताया कि आंदोलन के दौरान उनकी तीन मुख्य मांगें थीं—
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी FIR और कानूनी मामलों को वापस लेना
भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई नया केस दर्ज न किया जाना
संगठन का कहना है कि सरकार ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है।
FIR वापस लेने का सरकार ने दिया भरोसा
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली समेत अन्य राज्यों में दर्ज FIR की जानकारी भी सरकार साझा करेगी।
उन्होंने कहा कि पहले की जानकारी के अनुसार दिल्ली में करीब 15 से 20 FIR दर्ज की गई थीं। सरकार की ओर से भरोसा दिया गया है कि इन्हें जल्द वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
'अच्छी नीयत से वापस ले रहे आंदोलन'
सौरव दास ने कहा कि CJP आंदोलन को इस भरोसे के साथ वापस ले रही है कि सरकार तय समयसीमा के भीतर किए गए वादों को पूरा करेगी।
उन्होंने कहा, "हम अच्छी नीयत से आंदोलन वापस ले रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि तय शर्तों को समय पर पूरा किया जाएगा।"
जेपी नड्डा ने भी दी जानकारी
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि CJP प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और FIR से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है।
जेपी नड्डा ने कहा कि यदि कोई FIR दर्ज हुई है तो उसे वापस लेने और भविष्य में भी अनावश्यक कार्रवाई न करने पर सहमति बनी है।
मुआवजे की मांग पर सरकार ने जताई सहानुभूति
NEET विवाद में प्रभावित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग पर सरकार ने कहा कि इस मुद्दे पर उसकी सहानुभूति है। साथ ही परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े सुझावों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही गई है।
बैठक के बाद CJP ने फिलहाल अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है, हालांकि संगठन ने सरकार से किए गए वादों को तय समय में पूरा करने की उम्मीद जताई है।
.webp)
