Akhilesh Yadav Birthday : कुछ ऐसा रहा टीपू से CM बनने तक सफर, जानें अखिलेश यादव से जुड़े 5 अनसुने किस्से

Akhilesh Yadav Birthday : आज 1 जुलाई को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपना 52वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। आज उनके जन्मदिन के इस खास मौके पर हम आपको उनके जीवन से जुड़े 5 अनसुने रोचक किस्से बताएंगे। जिनके बारे में आप शायद ही जानते हो..
अखिलेश ने खुद से अपना नाम रखा था
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को उत्तर प्रदेश के सैफई में हुआ है। उनके बचपन का नाम टीपू है, ये नाम सैफई के ग्राम प्रधान और पिता मुलायम सिंह के दोस्त दर्शन सिंह ने रखा था। बचपन में टीपू को अपने पिता के साथ खेलना-कूदना सबसे ज्यादा पसंद था। जब टीपू 4 साल के हुए तो चाचा प्रो. रामगोपाल यादव उनका एडमिशन कराने सेंट मेरीज स्कूल ले गए, लेकिन स्कूल में टीचर उनसे फॉर्म भरवाने लगे तो उनका पूछा? इसपर रामगोपाल ने कहा, "टीपू", तभी ये नाम सुनकर स्कूल के टीचर और स्टॉफ हैरान होकर टीपू और रामगोपाल को देखने लगे। तभी मुलायम सिंह से फोन पर पूछा गया तो उन्होंने कहा, "टीपू से ही पूछ लीजिए।" इसके बाद स्कूल के मास्टर ने हंसते हुए टीपू को 4 नाम बताए और पूछा क्या तुम्हें अखिलेश नाम पसंद है? जिसपर उन्होंने अपना सिर हिलाते हुए कहा हां, बस तभी से टीपू अखिलेश यादव हो गए।

संतरे वाली टॉफी मिलेगी तभी पेड़ से नीचे उतरेंगे
अखिलेश ने कक्षा 3 तक सेंट मेरीज स्कूल में पढ़ाई की। उस वक्त अखिलेश के चाचा रामपाल उन्हें साइकिल से स्कूल छोड़ने जाया करते थे। मजे की बात अखिलेश पेड़ पर चढ़ने के बहुत शौकीन थे। एक दिन वो पेड़ पर जा चढ़े और नीचे उतरने को तैयार ही नहीं थे। तभी गांव के एक आदमी ने उन्हें कंपट यानी संतरे वाली टॉफी का लालच दिया तब वो नीचे आए। तब से उन्हें जब तक कंपट नहीं मिलता वो नीचे नहीं आते।
जब पिता मिलने के लिए लाइन में लगे थे अखिलेश
"अखिलेश यादव जब 10 साल के हुए तो सुरक्षा कारणों के चलते उनका एडमिशन राजस्थान मिलिट्री स्कूल, धौलपुर में करवाया गया, तब चाचा शिवपाल उनका एडमिशन कराने साथ गए थे। अखिलेश जब वहां पढ़ रहे थे तब मुलायम सिर्फ 2 बार उनसे मिलने गए। एक बार बतौर UP के CM रहते हुए, मुलायम को अखिलेश के स्कूल में बुलाया गया था। मुलायम का हेलीकॉप्टर स्कूल के मैदान में उतरा। सीनियर क्लास के बच्चे उनके स्वागत के लिए एक लाइन में खड़े हो गए। स्कूल के टीचर यह देखकर हैरान हो गए कि अखिलेश भी अपने पिता से मिलने के लिए उसी लाइन में लगे थे। यहां पढ़ाने वाले अखिलेश के टीचर अवध किशोर वाजपेई कहते थे कि मुलायम सिंह के राजनीति में रहने की वजह से अखिलेश ने भी इसी में अपना भविष्य चुना। वो कहते हैं कि आज अगर अखिलेश एक नेता ना होते तो सेना में होते।
पहले सेमेस्टर में सिर्फ दो सब्जेक्ट में पास हुए थे अखिलेश
अखिलेश ने अपनी स्कूलिंग पूरी करने के बाद एनवायरन्मेंटल इंजीनियरिंग के लिए मैसूर का जेएसएस कॉलेज सेलेक्ट किया। यहां पहले सेमेस्टर में वह सिर्फ दो सब्जेक्ट में पास हो पाए। अखिलेश ने बाद में कहा था, "जितनी बैक मेरी लगी शायद ही किसी बच्चे की लगी हो।" साल 1996 में अखिलेश जब इंजीनियर बन कर लौटे, तो मुलायम सिंह यादव देवेगौड़ा मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्री थे। इसी साल अखिलेश को पर्यावरण इंजीनियरिंग में मास्टर्स करने के लिए ऑस्ट्रेलिया भेज दिया गया।
जब अखिलेश की शादी लालू यादव की बेटी से करवाना चाहते थे मुलायम सिंह
साल 1995 में अखिलेश ने लखनऊ के आर्मी स्कूल से इंटर पास कर लिया। इसी दौरान एक दोस्त के घर अखिलेश और डिंपल पहली बार एक-दूसरे से मिले।
अखिलेश ने जब पहली बार डिंपल को देखा तभी पहली नजर में उनपर वो अपना दिल हार बैठे थे। डिंपल की उम्र उस वक्त महज 17 साल थी। दोनों में थोड़ी देर बात भी हुई थी। इस मुलाकात के बाद डिंपल लखनऊ यूनिवर्सिटी में कॉमर्स की पढ़ाई करने चली गईं। अखिलेश एनवायरन्मेंटल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया के सिडनी यूनिवर्सिटी पहुंचे। अखिलेश जब सिडनी से वापस आए तब दोनों ने शादी करने का मन बना लिया था। मुलायम सिंह इसके लिए राजी नहीं थे, क्योंकि डिंपल राजपूत थीं, दूसरा वो उत्तराखंड से थीं और उस वक्त उत्तराखंड अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा था। तीसरा, मुलायम सिंह अखिलेश की शादी लालू यादव की बेटी मीसा भारती से करवाना चाहते थे।
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