CM Yogi के 'पार्ट टाइम पॉलिटिक्स' बयान पर अखिलेश यादव का तंज, कहा- उन्हें राजनीति करना ही...

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के एक बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए फुल-टाइम जॉब नहीं है। इस बयान पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो राजनीति को पार्ट-टाइम समझते हैं, उन्हें इसे करना ही नहीं चाहिए।
अखिलेश यादव का कटाक्ष
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, दरअसल, उन्हें राजनीति करनी ही नहीं चाहिए जो इसे पार्ट-टाइम समझते हैं, क्योंकि सच्ची राजनीति सेवा का क्षेत्र होती है, जिसके लिए 24 घंटे भी कम पड़ते हैं।"
दरअसल उनको राजनीति करनी ही नहीं चाहिए जो इसे पार्ट टाइम समझते हैं क्योंकि ‘सच्ची राजनीति सेवा का क्षेत्र’ होती है जिसके लिए दिन के 24 घंटे और पूरा जीवन भी कम होता है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 1, 2025
सीएम योगी ने क्या कहा था?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में संभावित प्रधानमंत्री के रूप में उनके प्रति बढ़ते समर्थन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,"राजनीति मेरे लिए एक फुल-टाइम जॉब नहीं है। इस समय मैं यहां काम कर रहा हूं, लेकिन असल में मैं एक योगी ही हूं।"
जब उनसे पूछा गया कि वह राजनीति में कितने समय तक बने रहेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया, "इसकी भी एक समय सीमा होगी।"
उत्तर प्रदेश के विकास को प्राथमिकता
सीएम योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका प्राथमिक लक्ष्य राज्य के लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा,"मैं उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं और मेरी पार्टी ने मुझे यहां जनता की सेवा के लिए रखा है।"
आलोचनाओं को किया खारिज
योगी आदित्यनाथ को उनके हिंदुत्ववादी विचारों और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के कारण भारतीय जनता पार्टी के सबसे लोकप्रिय नेताओं में गिना जाता है। हालांकि, उन्हें मुसलमानों के प्रति भेदभाव के आरोपों का भी सामना करना पड़ता है, जिसे उन्होंने पूरी तरह नकार दिया।
उन्होंने कहा,"राज्य की आबादी में मुसलमानों की संख्या 20 प्रतिशत है, लेकिन सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों में उनकी हिस्सेदारी 35 से 40 प्रतिशत तक है। मैं न तो भेदभाव में विश्वास करता हूं और न ही तुष्टीकरण में।"
सीएम योगी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, वहीं अखिलेश यादव के जवाब ने इसे और ज्यादा तूल दे दिया है।
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