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एयरफोर्स में देश सेवा से लेकर सुवेंदु अधिकारी के ‘सारथी’ तक...जानिए कौन थे चंद्रनाथ रथ, जिनकी हत्या से गरमाई बंगाल की सियासत

Shubhendhu

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की चुनावी सफलता के बाद जहां पार्टी कार्यकर्ता जश्न मना रहे थे, वहीं बुधवार रात हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे राजनीतिक माहौल को झकझोर कर रख दिया। भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

जानकारी के अनुसार, चंद्रनाथ रथ अपनी कार से कहीं जा रहे थे, तभी कुछ हमलावर एक गाड़ी में पहुंचे और उनकी कार को रोक लिया। जैसे ही वाहन धीमा हुआ, बदमाशों ने बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमले में चंद्रनाथ रथ गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई।

सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी थे चंद्रनाथ रथ

चंद्रनाथ रथ को सुवेंदु अधिकारी का सबसे भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था। राजनीतिक गलियारों में लोग उन्हें अधिकारी का “साया” तक कहते थे। वह लंबे समय से उनके साथ जुड़े हुए थे और हर अहम राजनीतिक कार्यक्रम में उनके साथ नजर आते थे।

राजनीति में आने से पहले चंद्रनाथ रथ ने भारतीय वायु सेना में करीब 18 साल तक अपनी सेवाएं दी थीं। अनुशासन और प्रबंधन क्षमता के कारण उनकी अलग पहचान थी। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति ली थी और इसके बाद राजनीति में सक्रिय हो गए।

टीएमसी से भाजपा तक निभाया साथ

चंद्रनाथ रथ और सुवेंदु अधिकारी का रिश्ता काफी पुराना था। दोनों उस समय से एक-दूसरे के करीबी थे, जब वे तृणमूल कांग्रेस में साथ काम करते थे। पूर्वी मेदिनीपुर जिले से जुड़े होने के कारण दोनों के बीच गहरी समझ और भरोसा था।

साल 2019 में जब सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल सरकार में जल संसाधन मंत्री बने, तब चंद्रनाथ रथ को उनका निजी सचिव बनाया गया। इसके बाद दोनों की राजनीतिक साझेदारी और मजबूत होती चली गई।

फिर 2020 में मेदिनीपुर की एक बड़ी रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सुवेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल हो गए। चंद्रनाथ रथ ने भी उनका साथ नहीं छोड़ा और भाजपा का दामन थाम लिया।

भाजपा में बढ़ी थी अहमियत

2021 विधानसभा चुनाव के बाद जब सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने, तब चंद्रनाथ रथ की जिम्मेदारियां भी बढ़ गईं। पार्टी और संगठन के भीतर उन्हें बेहद प्रभावशाली और भरोसेमंद सहयोगी माना जाने लगा था।

हाल ही में बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत के बाद राजनीतिक चर्चाओं में सुवेंदु अधिकारी का नाम मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में लिया जा रहा था। माना जा रहा था कि आने वाले समय में चंद्रनाथ रथ को भी संगठन और प्रशासन में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती थी।

बंगाल की हिंसक राजनीति पर फिर उठे सवाल

मध्यमग्राम में हुई इस हत्या ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की हिंसक राजनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनावी नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजनीतिक हिंसा खत्म करने की अपील की थी, लेकिन इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

चंद्रनाथ रथ के निधन की खबर मिलने के बाद सुवेंदु अधिकारी बेहद भावुक और आक्रोशित नजर आए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार समेत कई वरिष्ठ नेता अस्पताल पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। बाद में शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एम्स कल्याणी भेज दिया गया।