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जवाहर नेहरू 17 साल रहे प्रधानमंत्री, फिर भी PM मोदी ने कैसे तोड़ा उनका रिकॉर्ड? समझिए पूरा गणित

PM Modi

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। हालांकि इस उपलब्धि के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि जब पंडित जवाहरलाल नेहरू करीब 17 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहे और उनका कुल कार्यकाल 6130 दिनों का था, तो फिर नरेंद्र मोदी ने आखिर उनका रिकॉर्ड कैसे तोड़ दिया? दरअसल, इसका जवाब भारत के लोकतांत्रिक इतिहास और चुनावी प्रक्रिया में छिपा है।

10 जून 2026 को बना नया रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को अपने कार्यकाल के 4399 दिन पूरे किए। इसके साथ ही उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4398 दिनों तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

यही वजह है कि मोदी अब भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।

2014 से शुरू हुआ मोदी का सफर

नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 में भाजपा को दोबारा प्रचंड बहुमत मिला और मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री बने।

वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर अपना राजनीतिक सफर आगे बढ़ाया। तीन लगातार चुनावों में जनादेश हासिल करने के बाद उनका कार्यकाल अब 4399 दिनों का हो चुका है।

नेहरू का 6130 दिन का कार्यकाल

पंडित जवाहरलाल नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री थे। उन्होंने 15 अगस्त 1947 से लेकर 27 मई 1964 तक देश का नेतृत्व किया। इस अवधि को जोड़ें तो उनका कुल कार्यकाल 6130 दिनों का था।

लेकिन इस पूरे कार्यकाल को दो हिस्सों में समझना जरूरी है।

अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री थे नेहरू

भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी। उस समय देश में लोकतांत्रिक चुनाव नहीं हुए थे। इसलिए पंडित नेहरू को अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाया गया था।

15 अगस्त 1947 से 13 मई 1952 तक वे लगभग 1732 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे, लेकिन इस दौरान वे आम चुनाव के जरिए चुने हुए प्रधानमंत्री नहीं थे।

1952 में मिला पहला जनादेश

भारत में पहला आम चुनाव 1951-52 में आयोजित हुआ। चुनाव के बाद कांग्रेस को बहुमत मिला और 13 मई 1952 को जवाहरलाल नेहरू ने पहली बार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।

इसके बाद 1964 में अपने निधन तक वे लगातार प्रधानमंत्री रहे। इस अवधि में उनका निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल 4398 दिनों का रहा।

यही है रिकॉर्ड टूटने की वजह

रिकॉर्ड की गणना केवल निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में बिताए गए समय के आधार पर की जाती है। इसलिए नेहरू के अंतरिम सरकार वाले 1732 दिनों को इस रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जाता।

नरेंद्र मोदी ने 4399 दिन पूरे करते ही नेहरू के 4398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए।

भारतीय लोकतंत्र का नया अध्याय

यह उपलब्धि केवल एक संख्या का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि लगातार तीन लोकसभा चुनावों में मिले जनादेश और लंबे राजनीतिक नेतृत्व का प्रतीक भी है। इसी के साथ भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया अध्याय दर्ज हो गया है, जहां नरेंद्र मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबी सेवा का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।