नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर पप्पू यादव का बड़ा बयान, बोले- घर तो आपका भी जलेगा...

पप्पू यादव ने कहा कि जब जेडीयू के पास 42-45 सीटें थीं, तब भी कोई नीतीश कुमार का कुछ नहीं बिगाड़ पाया था, लेकिन आज जब पार्टी के पास 85 सीटें हैं तो उन्हें अपनों ने ही कमजोर कर दिया। उन्होंने चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी को चेताते हुए कहा कि पड़ोसी के घर लगी आग को बुझा लीजिए, वरना उसका असर आपके घर तक भी पहुंच सकता है।
जनादेश नीतीश के नाम पर मिला था
पप्पू यादव ने कहा कि बिहार की जनता ने जनादेश नीतीश कुमार के नेतृत्व में दिया था, न कि भाजपा के नेतृत्व में। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या जेडीयू नेताओं की यह जिम्मेदारी नहीं बनती कि मुख्यमंत्री भी जेडीयू का ही हो। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि अगर बदलाव की बात हो रही है तो निशांत कुमार जैसे शांत और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व को भी मौका दिया जा सकता है।
बीजेपी के मुख्यमंत्री की जरूरत क्यों?
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार गठबंधन की है तो मुख्यमंत्री भाजपा का ही क्यों हो। पप्पू यादव ने कहा कि अत्यंत पिछड़े वर्ग और ओबीसी समाज को सबसे ज्यादा तकलीफ हुई है। उनका मानना है कि यह फैसला बिहार के हित में नहीं है।
‘खंजर घोंपने वालों को जनता माफ नहीं करेगी’
पप्पू यादव ने तंज कसते हुए कहा कि “घर का भेदी लंका ढाए” वाली स्थिति बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने ऐसे समय में नीतीश कुमार की पीठ में खंजर घोंपा है। उनका कहना था कि आने वाले समय में जनता ऐसे लोगों को माफ नहीं करेगी।
नीतीश की भरपाई मुश्किल
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दूर-दूर तक ऐसा कोई नेता नहीं दिखता जो नीतीश कुमार की जगह ले सके। पप्पू यादव के मुताबिक, विशेष राज्य के दर्जे के मुद्दे पर भले ही केंद्र से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने प्रयासों से बिहार के विकास के लिए काम किया।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजना ही था तो किसी सांसद का इस्तीफा दिलाकर भी ऐसा किया जा सकता था। पप्पू यादव ने कहा कि 24 घंटे के भीतर अचानक हालात बदल गए और किसी को इसकी उम्मीद नहीं थी। उनके मुताबिक, फिलहाल बिहार में नीतीश कुमार से बेहतर विकल्प नजर नहीं आता।
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