वोट चोरी विरोध में हंगामा: अखिलेश फांद गए बैरिकेडिंग, राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में

India Alliance Protest at ECI: वोटर लिस्ट में कथित धांधली और "वोट चोरी" के आरोपों के खिलाफ संसद से चुनाव आयोग तक निकाले गए INDIA ब्लॉक के पैदल मार्च को दिल्ली पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। पुलिस का कहना था कि इस मार्च की अनुमति नहीं ली गई थी। जब नेता आगे बढ़ने पर अड़े रहे, तो राहुल गांधी (Rahul Gandhi), प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।
मार्च की अगुवाई कांग्रेस सांसद राहुल गांधी कर रहे थे, जिसमें 300 से अधिक सांसद शामिल थे। यह विरोध प्रदर्शन संसद भवन के मकर द्वार से शुरू हुआ और चुनाव आयोग कार्यालय तक जाने का लक्ष्य था। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार, संजय सिंह, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी और 25 से अधिक दलों के नेता मौजूद थे।
#WATCH | Delhi: Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, "Dare hue hai. Sarkaar kaayar hai."
— ANI (@ANI) August 11, 2025
Delhi Police detained INDIA bloc MPs, including Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra, Sanjay Raut, and Sagarika Ghose, among others, who were protesting against the SIR and staged a march… https://t.co/GPvb7VcoH4 pic.twitter.com/nnA2tpXC8T
अखिलेश ने लगाई बैरिकेड पर छलांग
पीटीआई दफ्तर के सामने पुलिस ने बैरिकेड लगाकर मार्च रोका। इसी दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बैरिकेड पर चढ़कर दूसरी ओर कूद गए और सड़क पर बैठकर धरने में शामिल हो गए। उन्होंने कहा, "हमें रोकने के लिए पुलिस का इस्तेमाल हो रहा है।"
#WATCH | Delhi: Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav jumps over a police barricade as Delhi Police stops INDIA bloc leaders marching from the Parliament to the Election Commission of India to protest against the Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls in poll-bound… pic.twitter.com/X8YV4mQ28P
— ANI (@ANI) August 11, 2025
प्रियंका ताली बढ़ाकर बढ़ाती रही हौसला
प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार ताली बजाकर साथी सांसदों का मनोबल बढ़ाती रहीं। मार्च के दौरान नारे लगे—"गली-गली में शोर है, चुनाव आयोग वोट चोर है।" राहुल गांधी सबसे आगे मार्च का नेतृत्व कर रहे थे और पुलिस से उनकी तीखी बहस भी हुई।
राहुल गांधी का बयान
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा, "यह राजनीतिक नहीं, बल्कि संविधान बचाने की लड़ाई है। यह एक व्यक्ति, एक वोट का मुद्दा है और हम सिर्फ साफ-सुथरी वोटर लिस्ट चाहते हैं।"
विपक्ष का आरोप
पुलिस ने लाउडस्पीकर से घोषणा कर नेताओं को आगे न बढ़ने की चेतावनी दी। कई सांसद बैरिकेड पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी दलों का यह पहला बड़ा प्रदर्शन राहुल गांधी के उस आरोप के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 वोट चोरी का दावा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मॉडल बीजेपी को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए अपनाया गया और इसी कारण यह आंदोलन शुरू किया गया।
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