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क्या इस बार नहीं मिलेगा मुस्लिमों को दिल्ली कैबिनट में पद? जानें किसे मिल सकती है अल्पसंख्यक मंत्रालय की कमान


नई दिल्ली: दिल्ली में 27 साल बाद एक बार फिर ऐसा होने जा रहा है जब सरकार में किसी मुस्लिम समुदाय के नेता को मंत्री पद नहीं मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2025 के विधानसभा चुनावों में 48 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल किया है, लेकिन इस बार नवनिर्वाचित विधायकों में से कोई भी मुस्लिम समुदाय से नहीं है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि भाजपा अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिए पंजाबी या सिख समुदाय के किसी नेता को मंत्री बना सकती है।

1993 के बाद पहली बार दिल्ली सरकार में नहीं होगा मुस्लिम मंत्री

दिल्ली में पिछली सरकारों की बात करें तो कांग्रेस के 15 साल और आम आदमी पार्टी (AAP) के 11 साल के कार्यकाल में हमेशा एक मुस्लिम मंत्री को शामिल किया गया। कांग्रेस सरकार में हारून यूसुफ और AAP सरकार में इमरान हुसैन को मंत्री पद दिया गया था। लेकिन अब 27 साल बाद भाजपा सरकार में कोई मुस्लिम मंत्री नहीं होगा।

भाजपा सरकार ने इससे पहले 1993 से 1998 तक पंजाबी और सिख समुदाय के विधायकों को मंत्री बनाया था। अब एक बार फिर इस परंपरा को जारी रखते हुए पार्टी पंजाबी या सिख समुदाय से आने वाले किसी नेता को मंत्री बना सकती है।

कौन हो सकता है मंत्री पद का दावेदार?

सूत्रों की मानें तो भाजपा दिल्ली में अल्पसंख्यक समुदाय से किसी अनुभवी नेता को मंत्री बना सकती है। संभावित नामों में राज कुमार भाटिया, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद, हरिश खुराना, उमंग बजाज, तरविंदर सिंह मारवाह और अरविंदर सिंह लवली शामिल हैं।

इनमें से अरविंदर सिंह लवली सबसे आगे बताए जा रहे हैं। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए लवली ने पूर्वी दिल्ली में पार्टी को मजबूत करने का काम किया और कांग्रेस के वोटों को भाजपा में शिफ्ट कराने में भी सफल रहे। उनके अलावा, कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे राज कुमार चौहान भी भाजपा में आए थे, इसलिए उनका नाम भी मंत्री पद के दावेदारों में शामिल हो सकता है।

22-23 फरवरी को हो सकता है शपथ ग्रहण समारोह

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में नई भाजपा सरकार 22 या 23 फरवरी को शपथ ले सकती है। यह शपथ ग्रहण समारोह रामलीला मैदान में आयोजित होने की संभावना है, जिसे भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं, साथ ही भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता भी इसमें उपस्थित रह सकते हैं।

दिल्ली में 27 साल बाद बनने वाली भाजपा सरकार की कैबिनेट में कौन-कौन शामिल होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। जल्द ही भाजपा की नई सरकार अपने मंत्रियों की सूची जारी कर सकती है।