Year Ender 2024 : कंगना रनौत से लेकर अतिशी मार्लेना तक, राजनिती गलियारे में इन महिला नेताओं ने बटोरी सुर्खियां

Year Ender 2024 : साल 2024 खत्म होने में महज 15 दिन बचे है और नए साल 2025 का आगाज होने वाला है। भारतीय राजनीति में इस साल कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं। संसद में महिला आरक्षण बिल पारित हुआ, लेकिन कुछ महिला नेताओं ने अपनी पहचान सदन के बाहर भी स्थापित की। इन नेताओं ने न केवल राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि अपने प्रयासों से प्रेरणादायक मिसाल भी पेश की। आइए, ऐसी ही पांच महिला नेताओं के बारे में जानते हैं, जिन्होंने इस साल भारतीय राजनीति में अपना कद बढ़ाया और खूब सुर्खियां बटोरी।
1. कंगना रनौत: बॉलीवुड से राजनीति तक का सफर
बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री कंगना रनौत ने इस साल राजनीति में भी अपनी छाप छोड़ी। हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से सांसद बनकर उन्होंने कांग्रेस के अनुभवी नेता विक्रमादित्य को हराया। अपने बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाली कंगना ने सांसद बनने के बाद परिपक्वता और सूझबूझ दिखाई। उन्होंने विवादों से खुद को दूर रखते हुए जनता के बीच अपनी उपस्थिति मजबूत की। राजनीति में यह उनकी नई शुरुआत है, और वे जनता के विश्वास पर खरा उतरने की कोशिश कर रही हैं।
2. प्रियंका गांधी: भाई की विरासत संभालती कांग्रेस नेता
प्रियंका गांधी भारतीय राजनीति में नया नाम नहीं हैं। लेकिन इस साल उन्होंने पहली बार चुनाव लड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। प्रियंका ने वायनाड सीट से जीत हासिल कर अपने भाई राहुल गांधी की विरासत संभाली। लोकसभा चुनाव 2024 में विपक्षी दलों ने एनडीए को कड़ी टक्कर दी, जिसमें प्रियंका की भूमिका अहम रही। संसद में उनके और राहुल के एक साथ पहुंचने का क्षण कांग्रेस और गांधी परिवार के लिए ऐतिहासिक रहा।
3. महुआ मोइत्रा: वापसी के साथ नई पहचान
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इस साल संसद में जोरदार वापसी की। पिछली संसद में अपनी सदस्यता गंवाने के बाद उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की। उनके खिलाफ संसद के आईडी और पासवर्ड साझा करने के आरोप लगे थे, लेकिन उन्होंने इन विवादों को पीछे छोड़ते हुए मजबूत वापसी की। संसद में उनके दिए भाषणों ने उनकी दृढ़ता और संकल्प को और अधिक स्पष्ट कर दिया।
4. आतिशी मार्लेना: दिल्ली सरकार की कुशल नेतृत्वकर्ता
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना ने इस साल अपने नेतृत्व कौशल से सभी को प्रभावित किया। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद, पार्टी के टूटने की संभावनाएं जताई जा रही थीं। लेकिन आतिशी ने न केवल दिल्ली की सरकार को सुचारू रूप से चलाया, बल्कि आम आदमी पार्टी को भी एकजुट रखा। वह दिल्ली की मुख्यमंत्री बनी हुई हैं और आगामी विधानसभा चुनावों तक इस पद पर बने रहने की उम्मीद है।
5. स्वाति मालीवाल: संघर्ष से मिली मजबूती
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के लिए यह साल चुनौतीपूर्ण रहा। महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली स्वाति ने अपने ही दल के भीतर कठिनाइयों का सामना किया। उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहायक बिभव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, इस मुश्किल वक्त में भी स्वाति ने हार नहीं मानी और न्याय के लिए डटी रहीं।
2024 भारतीय राजनीति में महिला नेताओं के योगदान और संघर्षों के लिए यादगार रहा। इन नेताओं ने दिखाया कि चाहे कितनी भी कठिन परिस्थितियां हों, दृढ़ संकल्प और निष्ठा के साथ हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। आने वाले वर्षों में, इन महिलाओं का योगदान भारतीय राजनीति को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण होगा।
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