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Year Ender 2024 : नीतीश के 'नैन सेंकने' से लेकर 'हिंदुत्व एक बीमारी' तक, साल 2024 में नेताओं के इन विवादित बयानों ने मचाया हंगामा


Year Ender 2024 : साल 2024 खत्म (Year Ender 2024) होने को है और नए साल 2025 का आगाज नजदीक है। यह साल भारतीय राजनीति के लिहाज से काफी हलचल भरा रहा। लोकसभा चुनावों के साथ-साथ कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हुए, और इन चुनावों के परिणामों ने सभी को चौंका दिया। चुनाव प्रचार के दौरान कई ऐसे बयान सामने आए, जिन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं। ध्रुवीकरण की राजनीति ने नेताओं को विवादित टिप्पणियां करने का मौका दिया, जिससे सियासी हंगामा मच गया। इन बयानों में पीडीपी, कांग्रेस, राजद से लेकर बीजेपी तक के नेताओं ने अपनी राय रखी। आइए एक नजर डालते हैं नेताओं के उन विवादित बयानों पर जो काफी चर्चा में रहें।

महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा का विवादित बयान

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने 'हिंदुत्व' को बीमारी बताते हुए 7 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा, "भगवान राम भी इस सब देखकर शर्म से सिर झुका लेंगे।" इस टिप्पणी के बाद विवाद खड़ा हुआ, और इल्तिजा ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि हमें गलत को गलत कहने से परहेज नहीं करना चाहिए।

मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा और आरएसएस को "जहर" बताते हुए कहा कि वे भारत में सबसे खतरनाक राजनीतिक ताकत हैं। खड़गे ने यह भी कहा कि "सांप अगर किसी को काटे तो वह व्यक्ति मर जाता है, ऐसे जहरीले सांपों को मार देना चाहिए।"

कांग्रेस नेता भाई जगताप ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधते हुए उसे "कुत्ता" करार दिया और कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बनाई गई सभी एजेंसियां अब कठपुतलियां बन गई हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रभाव में काम कर रही हैं। ये एजेंसियां, जो कभी हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए थीं, अब उनका दुरुपयोग हो रहा है। महाराष्ट्र और देशभर में हो रही घटनाएं दिखाती हैं कि व्यवस्था के साथ किस तरह छेड़छाड़ की जा रही है।"

लालू यादव और बिहार में विवाद

बिहार की प्रमुख विपक्षी पार्टी राजद के नेता लालू प्रसाद यादव भी अनर्गल बयानों के लिए चर्चा में रहे। 10 दिसंबर को उन्होंने नीतीश कुमार की महिला संवाद यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा, "वह नैन सेंकने जा रहे हैं।" इस बयान के बाद उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

दक्षिण भारत में हिंदुत्व पर विवादित बयान

दक्षिण भारत में भी हिंदुत्व को लेकर कई विवादित बयानों की बौछार हुई। डीएमके नेता उदयनिधि मारन ने सनातन धर्म को बीमारी कहा था, वहीं कर्नाटक के मंत्री दिनेश गुंडू राव ने वीर सावरकर पर विवादित टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने कहा कि सावरकर के विचार कट्टरपंथी थे, जबकि गांधी जी के विचार प्रगतिशील थे।

कंगना रनौत पर हिमाचल प्रदेश मंत्री का बयान

हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कंगना रनौत को लेकर विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि कंगना तब मंडी नहीं आईं जब भारी बारिश की चेतावनी थी, क्योंकि उनका मेकअप खराब हो सकता था।

सैम पित्रोदा की नस्लीय टिप्पणी

नौ मई को सैम पित्रोदा ने उत्तर, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम भारत के लोगों को लेकर विवादित नस्लीय टिप्पणी की थी, जिसके बाद कांग्रेस ने इस पर सफाई दी और इसे उनकी व्यक्तिगत राय बताया।

संविधान पर भाजपा नेता की टिप्पणी

इस साल भाजपा के पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने संविधान में संशोधन की आवश्यकता पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि दो-तिहाई बहुमत से नया संविधान बनाया जा सकता है। इस विवादित बयान ने चुनावी समर में जोर पकड़ा और विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया।

2024 में भारतीय राजनीति में इस तरह के विवादित बयानों ने कई बार सियासी माहौल को गरम किया। नेताओं ने अपनी बयानों के जरिए मुद्दों को हवा दी और आलोचनाओं का सामना भी किया।