फर्जी समन और ‘डिजिटल अरेस्ट’ से कैसे बचें? ED ने बताया असली और नकली नोटिस की पहचान और जांच की पूरी प्रक्रिया

ऐसे करें असली और नकली समन की पहचान
1. QR कोड स्कैन करें
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समन पर मौजूद QR कोड को मोबाइल से स्कैन करें।
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स्कैन करने पर ED की आधिकारिक वेबसाइट का पेज खुलेगा।
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वहां समन पर लिखा पासकोड दर्ज करें।
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यदि समन असली है, तो वेबसाइट पर उससे संबंधित सभी जानकारी दिखाई देगी-
जैसे नाम, अधिकारी का नाम, पद, तारीख और अन्य विवरण।
2. ED की वेबसाइट पर जाकर जांचें
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ED की वेबसाइट पर जाएं: enforcementdirectorate.gov.in
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‘Verify Your Summons’ सेक्शन पर क्लिक करें।
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समन नंबर और पासकोड दर्ज करें।
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यदि जानकारी सही है, तो असली समन का पूरा विवरण स्क्रीन पर दिखाई देगा।
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ध्यान रखें: यह जांच समन जारी होने के 24 घंटे बाद उपलब्ध होती है (साप्ताहिक छुट्टियों को छोड़कर)।
फर्जी समन मिले तो क्या करें?
ED ने स्पष्ट किया है कि यदि समन उनके सिस्टम से जारी नहीं हुआ है, तो नागरिक सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं:
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ईमेल: adinv2-ed@gov.in
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फोन: 011-23339172
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कार्यालय: प्रवर्तन भवन, ए-ब्लॉक, एपीजे अब्दुल कलाम रोड, नई दिल्ली
इसके अलावा, ED ने यह भी बताया है कि कुछ ठग लोगों को "डिजिटल अरेस्ट" या "ऑनलाइन अरेस्ट" के नाम पर डराकर पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं। एजेंसी ने साफ किया है कि ऐसा कोई कानून नहीं है, और ED में गिरफ्तारी हमेशा सामने आकर, कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाती है न कि ऑनलाइन या डिजिटल तरीके से।
In light of reports of individuals circulating fake summons in the name of the Enforcement Directorate (ED) for the purpose of cheating or extortion, the ED (@dir_ed) has introduced measures to help citizens verify authenticity.
— Nirmala Sitharaman Office (@nsitharamanoffc) November 20, 2025
These fake summons often resemble genuine ED… pic.twitter.com/xgKyCAikdM
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