1. Home
  2. टेक

UPI फ्रॉड अलर्ट: एक गलत क्लिक से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, जानें कैसे बचें

UPI Down

भारत में UPI पेमेंट आज रोजमर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। किराने की दुकान हो या ऑनलाइन शॉपिंग, चाय की टपरी हो या बिजली का बिल—हर जगह UPI से भुगतान किया जा रहा है। हालांकि, जितनी तेज़ और आसान यह सुविधा है, उतना ही बड़ा खतरा भी इसके साथ जुड़ा हुआ है। साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को एक छोटी-सी गलती करने पर मजबूर कर रहे हैं, जिससे मिनटों में बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।

एक गलत क्लिक कैसे बन जाता है बड़ा नुकसान

अक्सर लोगों को WhatsApp, SMS या कॉल के ज़रिए पेमेंट रिक्वेस्ट या संदिग्ध लिंक भेजे जाते हैं। कई बार ये मैसेज बैंक, कस्टमर केयर या किसी जान-पहचान वाले नाम से आते हैं, जिससे लोग बिना सोचे-समझे ‘Approve’ या ‘Pay’ पर क्लिक कर देते हैं। यही एक क्लिक ठगों को आपके खाते तक पहुंचा देता है। ध्यान रखें, UPI में पैसा रिसीव करने के लिए कभी भी PIN डालने की ज़रूरत नहीं होती।

फर्जी कॉल और नकली मैसेज से रहें सतर्क

आजकल ठग खुद को बैंक कर्मचारी, कस्टमर केयर एजेंट या डिलीवरी एग्जीक्यूटिव बताकर कॉल करते हैं। वे रिफंड, KYC अपडेट या इनाम का लालच देकर UPI PIN पूछते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति PIN साझा करता है, ठग तुरंत खाते से पैसे उड़ा लेते हैं। याद रखें, बैंक या UPI से जुड़ी कोई भी संस्था फोन या मैसेज पर PIN नहीं मांगती।

स्क्रीन शेयर और रिमोट ऐप्स बन सकते हैं खतरा

कई मामलों में ठग AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप इंस्टॉल करने को कहते हैं। इन ऐप्स के ज़रिए वे आपके मोबाइल का पूरा कंट्रोल ले लेते हैं और खुद ही UPI ट्रांजैक्शन कर देते हैं। अगर कोई भी व्यक्ति स्क्रीन शेयर या रिमोट एक्सेस की बात करे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और मना कर दें।

सुरक्षित रहने के आसान उपाय

UPI का इस्तेमाल करते समय किसी भी अनजान पेमेंट रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें। अपना UPI PIN किसी से भी साझा न करें, चाहे सामने वाला कितना ही भरोसेमंद क्यों न लगे। भुगतान से पहले रिसीवर का नाम और राशि ज़रूर जांचें। इसके अलावा UPI ऐप को हमेशा लेटेस्ट वर्ज़न पर अपडेट रखें और मोबाइल में स्क्रीन लॉक व ऐप लॉक का इस्तेमाल करें।

ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें

अगर आपके साथ UPI फ्रॉड हो जाए, तो बिना देर किए अपने बैंक और UPI ऐप के कस्टमर केयर से संपर्क करें। साथ ही 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत करने से पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है—थोड़ा सतर्क रहकर आप खुद को बड़े नुकसान से बचा सकते हैं।