WhatsApp Spyware Attack: 24 देशों के यूजर्स का वॉट्सऐप हुआ हैक, Meta ने खुद किया कंफर्म, जानें कैसे बचें स्पाइवेयर अटैक से

WhatsApp Spyware Attack : अगर आप वॉट्सऐप उपयोगकर्ता हैं, तो आपको यह जानकारी अवश्य होनी चाहिए कि दुनियाभर के वॉट्सऐप यूजर्स पर स्पाइवेयर अटैक (WhatsApp Spyware Attack) का खतरा मंडरा रहा है। यह स्पाइवेयर इतना उन्नत है कि ऐप्स की मजबूत सुरक्षा प्रणाली को भी भेदकर अपना काम कर सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस स्पाइवेयर के जरिए हैकर्स साइबर जासूसी कर रहे हैं और अब तक कम से कम 24 देशों में यूजर्स को अपना शिकार बना चुके हैं। अकेले इटली में इसके सात मामले सामने आए हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हैकर्स जब चाहें आपके वॉट्सऐप पर नियंत्रण हासिल कर सकते हैं। चाहे आप किसी लिंक पर क्लिक करें या न करें, यह स्पाइवेयर इतना आधुनिक है कि बिना किसी लिंक के भी आपके डिवाइस में प्रवेश कर सकता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक खतरनाक स्पायवेयर अटैक (WhatsApp Spyware Attack) कम से कम 24 देशों में उपयोगकर्ताओं को निशाना बना रहा है। अकेले इटली में 7 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।
सबसे चौंकाने वाली बात – बिना क्लिक के हो रहा है हमला!
इस साइबर अटैक की सबसे खतरनाक बात यह है कि हैकर्स को किसी लिंक पर क्लिक कराने की जरूरत नहीं पड़ती। वे बिना यूजर की जानकारी या अनुमति के डिवाइस में घुसपैठ कर सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह स्पायवेयर इजरायली सर्विलांस फर्म Paragon Solutions से जुड़ा हुआ है। इसका इस्तेमाल पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठनों के WhatsApp अकाउंट्स को हैक करने के लिए किया गया है।
इस अटैक में "Zero-click" हैकिंग तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसमें यूजर को किसी लिंक पर क्लिक करने की जरूरत नहीं होती। यही कारण है कि यह हमला पारंपरिक सिक्योरिटी सिस्टम को बायपास करने में सक्षम है और बेहद खतरनाक माना जा रहा है।
Meta ने WhatsApp अटैक की पुष्टि की
WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta ने इस साइबर हमले की पुष्टि की है। कंपनी ने इस स्पायवेयर गतिविधि को ट्रैक किया और तुरंत इटली की नेशनल साइबरसिक्योरिटी एजेंसी को सतर्क कर दिया।
अब तक पहचाने गए कुछ पीड़ित:
📌 लुका कैसारिनी – माइग्रेंट रेस्क्यू एक्टिविस्ट और Mediterranea Saving Humans के सह-संस्थापक।
📌 फ्रांसेस्को कैंसेलाटो – प्रसिद्ध इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट।
लुका कैसारिनी ने खुद खुलासा किया कि उन्हें WhatsApp की ओर से एक चेतावनी मिली, जिसमें बताया गया कि उनका डिवाइस हैक हो चुका है।
इतालवी सरकार ने शुरू की जांच
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के कार्यालय ने इस साइबर हमले की निंदा की है और आश्वासन दिया है कि राष्ट्रीय साइबरसिक्योरिटी एजेंसी इस मामले की पूरी जांच कर रही है।
हालांकि, सरकार ने किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है और पीड़ितों की पूरी सूची साझा करने से मना कर दिया है, क्योंकि यह मामला गोपनीयता से जुड़ा है।
WhatsApp यूजर्स अपने डेटा को कैसे सुरक्षित रखें?
✅ WhatsApp को तुरंत अपडेट करें।
✅ Two-Step Verification (2FA) ऑन करें।
✅ अज्ञात कॉल्स और संदिग्ध मैसेज से सावधान रहें।
✅ किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
Zero-click हैकिंग तेजी से एक बड़ा साइबर खतरा बन रही है। इसलिए, WhatsApp यूजर्स को सतर्क रहने और अपने डिवाइस की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। 🚨
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