दिवाली से पहले यूपी के सरकारी कर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी, DA और पेंशन में इनते फीसदी बढ़ोतरी

कितना बढ़ा DA और DR?
सरकार के आदेश के अनुसार, अब कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55% से बढ़कर 58% हो गया है। प्रदेश में कुल 16.35 लाख कर्मचारी और 11.52 लाख पेंशनर्स हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनधारकों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका कहना है कि यह निर्णय लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रति सम्मान और संवेदना का प्रतीक है।
कौन-कौन लाभान्वित होंगे?
इस बढ़ोतरी का लाभ सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा, जिनमें शामिल हैं:
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सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी
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शहरी स्थानीय निकायों के नियमित और पूर्णकालिक कर्मचारी
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कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी
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यूजीसी वेतनमान वाले कर्मचारी
सरकार पर कितना अतिरिक्त खर्च आएगा?
सीएम ने बताया कि बढ़ी हुई DA और DR का भुगतान अक्टूबर 2025 से नकद रूप में किया जाएगा। इस निर्णय से मार्च 2026 तक राज्य सरकार पर 1960 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा।
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अक्टूबर से भुगतान पर नवंबर में महंगाई भत्ता 161 करोड़ और महंगाई राहत 84 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
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जुलाई से सितम्बर 2025 के एरियर का भुगतान नवंबर में क्रमशः 298 करोड़ और 252 करोड़ रुपये होगा।
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कुल मिलाकर नवंबर 2025 में 795 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नकद व्यय होगा।
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ओपीएस से आच्छादित कर्मचारियों के GPF में 185 करोड़ रुपये जमा होंगे। इसके बाद दिसंबर 2025 से हर माह 245 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आएगा।
DA साल में दो बार बढ़ता है
उत्तर प्रदेश सरकार साल में दो बार DA बढ़ाती है।
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पहली बार मार्च–अप्रैल में घोषणा होती है, लाभ 1 जनवरी से मिलता है।
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दूसरी बार अक्टूबर–नवंबर में घोषणा होती है, लाभ 1 जुलाई से लागू होता है।
DA क्यों दिया जाता है?
महंगाई बढ़ने के बावजूद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के जीवन स्तर को बनाए रखने के लिए महंगाई भत्ता (DA) दिया जाता है। DA की दरें ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर तय होती हैं और हर 6 महीने में अपडेट की जाती हैं।
ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) क्या है?
देश में दो तरह की महंगाई होती है:
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रिटेल महंगाई (CPI) – आम ग्राहकों के लिए उपभोक्ता कीमतों पर आधारित।
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थोक महंगाई (WPI) – व्यापार और थोक स्तर पर कीमतों पर आधारित।
CPI यानी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर ही कर्मचारियों और पेंशनर्स का DA तय होता है।
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