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दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा, क्या राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट सार्वजनिक प्राधिकरण है? केंद्रीय सूचना आयोग से मांगा जवाब


नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) से पूछा है कि क्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 2(एच) के तहत एक सार्वजनिक प्राधिकरण माना जा सकता है। न्यायालय ने सीआईसी को निर्देश दिया है कि वह इस सवाल पर यथासंभव शीघ्रता से निर्णय ले।

यह मामला तब सामने आया जब आरटीआई आवेदक नीरज शर्मा ने गृह मंत्रालय से जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था, लेकिन मंत्रालय ने जवाब दिया कि ट्रस्ट एक स्वायत्त संगठन है और केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि ट्रस्ट सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत सार्वजनिक प्राधिकरण की परिभाषा में नहीं आता है। शर्मा को इस जवाब से संतोष नहीं हुआ और उन्होंने सीआईसी से अपील की, जिसके बाद यह मामला उच्च न्यायालय में पहुंचा।

न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने सीआईसी को इस मामले में फैसला लेने के लिए निर्देश दिया।