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कारगिल से ऑपरेशन सिंदूर तक...जानिए कौन हैं राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?​​​​​​​

jitender mishra

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के प्रशासनिक कामकाज को और व्यवस्थित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ट्रस्ट ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया। मिश्रा भारतीय वायुसेना के अनुभवी अधिकारी रहे हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व कर चुके हैं।

करीब चार दशक का सैन्य अनुभव

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से ताल्लुक रखने वाले जितेंद्र मिश्रा ने दिसंबर 1986 में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन लिया था। करीब चार दशक के करियर में उन्होंने लड़ाकू पायलट, टेस्ट पायलट और विभिन्न कमांड व रणनीतिक पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं। वह पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रहे।

मिश्रा के पास 3,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है और उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के फाइटर, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलिकॉप्टर उड़ाए हैं। अपने करियर में वह एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, दो अग्रिम एयरबेस के कमांडर और Aircraft and Systems Testing Establishment (ASTE) में चीफ टेस्ट पायलट जैसे अहम पदों पर भी रहे।

ऑपरेशन सिंदूर में निभाई अहम भूमिका

जितेंद्र मिश्रा का नाम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सामने आया। मई 2025 में उन्होंने पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख के तौर पर भारतीय वायुसेना की पश्चिमी क्षेत्र की हवाई गतिविधियों का नेतृत्व किया था। उनकी भूमिका को देखते हुए उन्हें 2025 में सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया। इससे पहले उन्हें 2024 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2013 में विशिष्ट सेवा पदक भी मिल चुका है।

30 अप्रैल को हुए थे रिटायर

लगभग 40 साल भारतीय वायुसेना को देने के बाद जितेंद्र मिश्रा 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए। रिटायरमेंट के कुछ ही महीनों बाद अब उन्हें अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।

देश-विदेश में हासिल की ट्रेनिंग

मिश्रा ने खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से प्रशिक्षण हासिल किया। इसके अलावा एयर फोर्स एकेडमी, डुंडीगल, एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल, बेंगलुरु और अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में भी प्रशिक्षण लिया। उन्होंने ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज में भी अध्ययन किया।

अब राम मंदिर की बड़ी जिम्मेदारी

जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब राम मंदिर ट्रस्ट अपने प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। CEO के तौर पर उनके सामने मंदिर के प्रशासन, संचालन, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और बढ़ते श्रद्धालु प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। ट्रस्ट ने CEO पद के लिए 5,585 आवेदनों में से चयन प्रक्रिया के बाद अंतिम उम्मीदवार चुना।

कारगिल से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक सैन्य नेतृत्व का लंबा अनुभव रखने वाले जितेंद्र मिश्रा अब अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासन की जिम्मेदारी संभालेंगे। यह नियुक्ति उनके करीब चार दशक लंबे सैन्य करियर के बाद एक नई भूमिका की शुरुआत मानी जा रही है।