CM योगी के सड़क पर नमाज वाले बयान पर इकरा हसन का पलटवार, बोली- एक समुदाय को लेकर...

इकरा हसन ने कहा कि संविधान देश के सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्य धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान सड़कों का इस्तेमाल किया जाता है और उस पर कोई आपत्ति नहीं जताई जाती, उसी तरह कुछ मिनटों की नमाज पर भी सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सड़कें समाज और जनता की संपत्ति हैं, इसलिए किसी एक समुदाय को लेकर अलग रवैया अपनाना उचित नहीं माना जा सकता।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा था कि उनकी सरकार सड़क जाम करके नमाज या किसी भी धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं देगी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सड़कें आवागमन के लिए होती हैं और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है।
सीएम योगी ने लोगों से निर्धारित धार्मिक स्थलों पर ही प्रार्थना करने की अपील की थी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि यदि किसी धार्मिक स्थल पर पर्याप्त जगह नहीं है, तो लोग अलग-अलग पालियों में नमाज अदा कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा था कि सरकार प्रार्थना करने से नहीं रोक रही है, लेकिन सड़कों पर धार्मिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि राज्य में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा।
यह बयान ईद-उल-अजहा से कुछ दिन पहले आया है, जिसे इस वर्ष 28 मई को मनाया जाएगा। बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और विभिन्न दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
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