Mock Dril In UP : घड़ी में सात बजते ही कल बजेगा सायरन, छा जाएगा अंधेरा, यूपी के इन 17 जिलों में होगी मॅाकड्रिल

लखनऊ। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। केंद्र सरकार आतंकी घटनाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। इसी कड़ी में गृह मंत्रालय ने 7 मई, बुधवार को देशभर में युद्ध जैसी स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल कराने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश के 17 जिलों को इस अभ्यास के लिए विशेष रूप से चिन्हित किया गया है।
तीन श्रेणियों में बांटे गए जिले
गृह मंत्रालय के निर्देश पर यूपी के जिलों को संवेदनशीलता के आधार पर तीन कैटेगरी A, B और C में बांटा गया है। बुलंदशहर के नरोरा को कैटेगरी A, जबकि बागपत और मुजफ्फरनगर को कैटेगरी C में रखा गया है। शेष 14 जिले- आगरा, प्रयागराज, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, वाराणसी, बख्शी का तालाब, मुगलसराय और सरवासा कैटेगरी B में शामिल हैं।

54 साल बाद फिर हो रही है बड़ी मॉक ड्रिल
ऐसी व्यापक स्तर की मॉक ड्रिल प्रदेश में लगभग 54 साल बाद हो रही है। इससे पहले 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान इस तरह का अभ्यास किया गया था। अब एक बार फिर केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देशित किया है कि वे आम नागरिकों को संभावित युद्ध या राष्ट्रीय संकट की स्थिति में बचाव और सतर्कता की ट्रेनिंग दें।
ब्लैकआउट और सायरन से मिलेगा रियल टाइम अनुभव
इस अभ्यास के दौरान "ब्लैकआउट" का अभ्यास भी किया जाएगा, यानी हमले की स्थिति में सभी घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों की लाइटें बंद कर दी जाएंगी, ताकि दुश्मन की निगाह से बचा जा सके। साथ ही, जैसे ही सायरन बजेगा, नागरिकों को अलर्ट होकर नजदीकी सुरक्षित स्थानों—जैसे बंकर, मजबूत कमरा या सुरक्षित शेल्टर—में जाना होगा।
छात्रों को भी सिखाई जाएंगी सुरक्षा की बुनियादी बातें
इस मॉक ड्रिल में सिर्फ प्रशासन ही नहीं, आम जनता और स्कूल-कॉलेजों के छात्र भी सक्रिय भागीदार होंगे। नागरिक सुरक्षा विभाग (सिविल डिफेंस) उन्हें प्राथमिक चिकित्सा, आग बुझाने, सुरक्षित संचार, आपातकालीन शरण स्थलों तक पहुंच और सहयोगी रवैये जैसी बुनियादी बातें सिखाएगा।
15 जिलों में सिविल डिफेंस की सक्रिय भागीदारी
राज्य के नागरिक सुरक्षा विभाग के डीजी अभय प्रसाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में सिविल डिफेंस कार्यालय सक्रिय हैं, जो कुल 26 जिलों को कवर करते हैं। इनमें लखनऊ, वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर और आगरा जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
आपात व्यवस्था की होगी असल परीक्षा
मॉक ड्रिल के दौरान यह भी परखा जाएगा कि यदि हमले में कोई घायल होता है तो उसे अस्पताल तक ले जाने, फर्स्ट एड देने और इमरजेंसी रिस्पॉन्स से जोड़ने की तैयारियां कितनी प्रभावी हैं। इसके पीछे उद्देश्य सिर्फ सरकारी सिस्टम की परीक्षा नहीं, बल्कि जनता को मानसिक रूप से युद्ध जैसी स्थिति के लिए तैयार करना भी है।
सुरक्षा के साथ जनजागरूकता भी जरूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा को शासन की प्राथमिकता बता चुके हैं। इस मॉक ड्रिल के ज़रिए यह देखा जाएगा कि संकट की घड़ी में न सिर्फ प्रशासन, बल्कि आम लोग भी कैसे संयम और समझदारी से काम लेते हैं।
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