सासंद इकरा हसन के खिलाफ पुलिस का एक्शन, सहारनपुर में इस मामले में दर्ज हुई FIR

बताया जा रहा है कि 19 मई को कैराना सांसद इकरा हसन पीड़ित परिवार के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं। उनके साथ मृतक मोनू कश्यप की मां और कई समर्थक भी मौजूद थे। सांसद ने डीआईजी Abhishek Singh पर संतोषजनक जवाब न देने का आरोप लगाया था।
जब सांसद डीआईजी कार्यालय के अंदर थीं, तब बाहर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे। पुलिस के अनुसार इस दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और जाम जैसी स्थिति बन गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने सांसद इकरा हसन को हिरासत में लेकर महिला थाने पहुंचाया था, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
इस दौरान महिला थाने में भी देर रात तक बहस और गहमागहमी का माहौल बना रहा। वहीं पुलिस ने पूर्व राज्यमंत्री Mangeram Kashyap समेत कुछ समर्थकों को शांतिभंग की धाराओं में जेल भेज दिया था।
इसके विरोध में सांसद इकरा हसन अपने समर्थकों के साथ सदर बाजार कोतवाली पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। देर रात तक कोतवाली परिसर में हंगामा चलता रहा। बाद में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति बनी कि जेल भेजे गए आरोपियों को अगले दिन रिहा कर दिया जाएगा। इसके बाद पांचों आरोपियों को जमानत मिल गई।
हालांकि पुलिस ने उसी रात सांसद इकरा हसन, मांगेराम कश्यप, तेजपाल सिंह, अजय, अनुज, शीशपाल और सत्यपाल समेत कुल सात नामजद तथा 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
एफआईआर उप निरीक्षक संजय कुमार शर्मा की तहरीर पर दर्ज की गई है। आरोपियों पर धारा 126(2), 132, 191(2) और 221 के तहत कार्रवाई की गई है।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने इस मुकदमे की जानकारी दो दिनों तक सार्वजनिक नहीं की। अब एफआईआर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वहीं इस पूरे प्रकरण पर एसएसपी Abhinandan से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।
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