रायबरेली में जमकर बरसे राहुल गांधी, मनरेगा को कमजोर का लगाया आरोप, बोले- मोदी सरकार, गरीबों को...

चौपाल को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा की अवधारणा के पीछे दो अहम उद्देश्य थे। पहला, ग्राम पंचायतों जैसी स्थानीय सरकारों को जिम्मेदारी और वित्तीय अधिकार देना और दूसरा, ग्रामीण गरीबों व युवाओं को न्यूनतम मजदूरी के जरिए सुरक्षा देना। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह नहीं चाहते और सत्ता को केंद्रित कर नौकरशाही के हवाले करना चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि इससे गरीबों को भूखा मरने के लिए छोड़ दिया जा रहा है।
मनरेगा को कमजोर करने का आरोप
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मनरेगा को खत्म करने या कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून में बदलाव कर गरीबों के लिए बने सुरक्षा कवच को हटाया जा रहा है। इसी के विरोध में कांग्रेस देशभर में ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान चला रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश की अर्थव्यवस्था कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को सौंपना चाहती है, जबकि कांग्रेस गरीब और कमजोर वर्ग के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
महात्मा गांधी का नाम हटाने पर आपत्ति
राहुल गांधी ने VB-G RAM-G एक्ट से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे गांधीजी के विचारों और उनके योगदान का अपमान बताया।
युवा खेलों को भी मिला समर्थन
अपने दौरे के दौरान राहुल गांधी ने राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम में यूथ स्पोर्ट्स एकेडमी रायबरेली द्वारा आयोजित रायबरेली प्रीमियर लीग का उद्घाटन भी किया। उन्होंने युवाओं को खेल और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया।
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी का यह दौरा मनरेगा को लेकर जनसमर्थन जुटाने और पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
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