सहारनपुर एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: बजरी से भरा डंपर कार पर पलटा, मां-बेटे, बेटी-दामाद समेत सात की मौत

शादी में आई कार से मामा के अंतिम संस्कार के लिए निकले थे सभी
संदीप अपने बड़े भाई प्रदीप की शादी में आई कार चला रहे थे। वह अपनी मां, बहन, जीजा, भाई और अन्य रिश्तेदारों के साथ मामा ऋषिपाल सैनी के अंतिम संस्कार में शामिल होने हरिद्वार जा रहे थे। जैसे ही कार सोना सैयद माजरा गांव के अंडरपास के पास सर्विस रोड पर पहुंची, देहरादून की तरफ से आ रहा तेज रफ्तार, ओवरलोडेड बजरी लदा डंपर अनियंत्रित होकर कार पर पलट गया। किसी को भी बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
हादसे के बाद अस्पताल और घटनास्थल पर भारी पुलिस फोर्स तैनात
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसपी सिटी व्योम बिंदल, थाना सदर बाजार, जनकपुरी और शहर कोतवाली पुलिस जिला अस्पताल में तैनात रहे। इसी तरह, घटनास्थल पर एसपी देहात सागर जैन, सीओ प्रथम मुनीश चंद्र, सीओ सदर प्रिया यादव और कई थानों की पुलिस मौजूद रही।
अंडरपास में लाइट और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अफसरों के निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त डॉ. रुपेश कुमार, डीआईजी अभिषेक सिंह, डीएम मनीष बंसल और एसएसपी आशीष तिवारी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। डीएम ने एनएचएआई अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अंडरपास में बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और दोनों सर्विस रोड पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
मां-बेटा, बेटी-दामाद समेत सात लोगों की मौत
हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में संदीप सैनी (25), उनकी मां रानी (55), बहन जूली (27), जीजा शेखर (28), भांजा अनिरुद्ध (2), मौसेरा भाई विपिन (22) और भाई प्रदीप के ससुर उमेश सिंह (55) शामिल थे। वे सभी एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे।
हादसे के बाद गुस्साई भीड़ ने एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया। अफसरों और नेताओं के वाहन भी घंटों फंसे रहे। करीब साढ़े तीन घंटे बाद पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को हटाया और यातायात बहाल कराया।
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