सेक्स रैकेट मामले में आई शालिनी यादव की पहली प्रतिक्रिया, बोली- मेरे खिलाफ जानबूझकर...

मेरी छवि खराब करने की कोशिश- शालिनी यादव
शालिनी यादव ने कहा कि बीते दो दिनों से सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें वायरल की जा रही हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि उनके फ्लैट में देह व्यापार पकड़ा गया और 13 लोगों की गिरफ्तारी हुई। उन्होंने कहा, ये खबरें पूरी तरह झूठी हैं। उक्त फ्लैट का स्वामित्व कभी मेरा नहीं रहा। पुलिस की रिपोर्ट में भी सिर्फ तीन लड़कियों को पूछताछ के लिए ले जाने और बाद में छोड़ देने का जिक्र है, 13 लोगों की गिरफ्तारी का कोई सबूत नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक राजनीतिक साजिश है, जिसमें विपक्षी दलों के राष्ट्रीय स्तर के नेता, कार्यकर्ता और फर्जी आईडी चलाने वाले ट्रोल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उनके वकील सभी फर्जी पोस्ट और खबरों का संकलन कर रहे हैं और जल्द ही मानहानि सहित IPC की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
फ्लैट के स्वामित्व पर अरुण यादव का स्पष्टीकरण
इस मामले में शालिनी के पति अरुण यादव ने भी अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फ्लैट नंबर 112 (शक्ति-शिखा अपार्टमेंट, सिगरा) को लेकर स्पष्ट जानकारी दी। उन्होंने बताया, यह फ्लैट 1996 से उनके एकमात्र स्वामित्व में है। बिजली, पानी और नगर निगम का कर भी उनके नाम पर है। 1 अप्रैल 2025 से फ्लैट को अश्वनी त्रिपाठी (चंदौली निवासी) को नोटरीकृत किराया एग्रीमेंट के तहत किराए पर दिया गया है।
अरुण यादव ने बताया कि 2 दिसंबर को पुलिस ने मेलोडी स्पा और किराए वाले फ्लैट दोनों पर छापा मारा था। स्पा से 10 लोगों को पकड़ा गया, जबकि उनके फ्लैट से केवल 3 महिलाओं को पूछताछ के लिए ले जाया गया, जिन्हें सिगरा थाने से छोड़ भी दिया गया। उन्होंने कहा, एफआईआर में मेरा या फ्लैट मालिक का कोई जिक्र नहीं है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर 13 लोगों की गिरफ्तारी फ्लैट से दिखाकर दुष्प्रचार किया जा रहा है।
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