मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का अधिकारियों को अल्टीमेटम, 10 दिन में पूरा करें सड़क मरम्मत का काम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों और लंबित भुगतान को लेकर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने आगामी त्योहारों से पहले जल जीवन मिशन और रेट्रोफिटिंग योजना के तहत पूरे हो चुके कार्यों के पात्र बिलों का भुगतान जल्द सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत का काम अगले 10 दिनों में पूरा करने का निर्देश दिया है।
शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जल शक्ति मंत्री ने जल जीवन मिशन और जल निगम (ग्रामीण) के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं ने अपना काम पूरा कर लिया है और जिनके बिलों का सत्यापन हो चुका है, उनके भुगतान को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। रेट्रोफिटिंग योजना और जल जीवन मिशन के बकाया भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

आईईसी गतिविधियों के लंबित बिलों का भी होगा भुगतान
बैठक में सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों से जुड़े लंबित बिलों का मुद्दा भी उठा। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी बिलों की नियमानुसार जांच कराई जाए और सत्यापन के बाद पात्र देयकों का भुगतान जल्द जारी किया जाए।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल ग्रामीण घरों तक नल से पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना भी है। ऐसे में योजना से जुड़े कार्यों और जनजागरूकता गतिविधियों का भुगतान समय पर होना चाहिए।
जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जल शक्ति मंत्री ने पेयजल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली हर शिकायत किसी परिवार की जरूरत और परेशानी से जुड़ी होती है। इसलिए शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक समाधान के साथ होना चाहिए।
उन्होंने लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने और अधिकारियों को समाधान की गुणवत्ता की जांच करने को कहा, ताकि लोगों को एक ही समस्या के लिए बार-बार शिकायत न करनी पड़े।
10 दिन में पूरी होंगी खोदी गई सड़कें
जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों की मरम्मत को लेकर मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने प्रदेश के जिन इलाकों में सड़क पुनर्स्थापन का काम अभी बाकी है, उसे अगले 10 दिनों में पूरा कराने का निर्देश दिया।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों को पहले जैसी स्थिति में बहाल करना भी है। उन्होंने अधिकारियों को अभियान चलाकर मरम्मत का काम पूरा कराने और नियमित रूप से मौके पर जाकर निरीक्षण करने को कहा।
साथ ही चेतावनी दी कि तय समयसीमा में काम पूरा नहीं होने या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक अमित कुमार सिंह, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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