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प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर योगी सरकार का बैकफुट! बदले जाएंगे 83 लाख मीटर, फिर मिलेगा पोस्टपेड बिजली बिल

Smart Meeter

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। तकनीकी दिक्कतों और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह अहम निर्णय लिया गया है। अब सभी बिजली कनेक्शन पहले की तरह पोस्टपेड मोड में ही संचालित होंगे। यानी उपभोक्ता पहले बिजली का उपयोग करेंगे और फिर अगले महीने बिल का भुगतान कर सकेंगे।

83 लाख कनेक्शन फिर होंगे पोस्टपेड

सरकार के फैसले के अनुसार:

  • पिछले वर्ष से अब तक लगाए गए 83 लाख से अधिक प्रीपेड स्मार्ट मीटर को दोबारा पोस्टपेड मोड में बदला जाएगा।
  • नए बिजली कनेक्शन भी अब पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के जरिए ही दिए जाएंगे।
  • पुराने मीटरों को प्रीपेड में बदलने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है।

पहले जैसी बिलिंग व्यवस्था बहाल

अब उपभोक्ताओं को:

  • हर महीने बिजली उपयोग का बिल मिलेगा
  • बिल SMS/WhatsApp के जरिए भेजा जाएगा
  • बिल जमा करने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा

बकाया बिल जमा करने में भी राहत

सरकार ने उपभोक्ताओं को बकाया बिल चुकाने में भी सहूलियत दी है:

  • 30 अप्रैल तक के बकाया बिल को 10 किस्तों में जमा किया जा सकेगा
  • मई-जून में शिकायत निस्तारण के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे
  • उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे

तकनीकी दिक्कतों के चलते लिया गया फैसला

प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की कई शिकायतें सामने आ रही थीं, जैसे:

  • रिचार्ज के बाद भी बिजली तुरंत बहाल न होना
  • ज्यादा बिल आने की शिकायत
  • तकनीकी गड़बड़ियां

इन समस्याओं को देखते हुए योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए थे।

उपभोक्ता संगठनों ने जताया आभार

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की मौजूदगी में इस फैसले की घोषणा की गई। वहीं उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने इस निर्णय के लिए सरकार का आभार जताया और विरोध-प्रदर्शन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी मांग की।

क्या है इस फैसले का असर?

इस निर्णय से लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और बिजली बिल भुगतान को लेकर पहले जैसी सुविधा बहाल हो जाएगी। साथ ही तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।